छत्तीसगढ़ के महाविद्यालयीन पुस्तकालयों में डिजिटल संसाधनों एवं सेवाओं का उपयोग: एक अध्ययन
Keywords:
महाविद्यालयीन पुस्तकालय, डिजिटल संसाधन, ई-संसाधन, पुस्तकालय स्वचालन, प्ब्ज्ए छत्तीसगढ़, ई-पुस्तक, डिजिटल पुस्तकालयAbstract
वर्तमान डिजिटल युग में महाविद्यालयीन पुस्तकालयों की भूमिका पारंपरिक पुस्तक एवं पत्रिका केंद्रित व्यवस्था से आगे बढ़कर डिजिटल सूचना संसाधनों, ई-पुस्तकों, ई-जर्नलों, ऑनलाइन डेटाबेस, इंटरनेट आधारित सेवाओं तथा पुस्तकालय स्वचालन तक विस्तृत हो गई है। छत्तीसगढ़ राज्य में उच्च शिक्षा संस्थानों एवं महाविद्यालयों की संख्या में वृद्धि के साथ पुस्तकालय सेवाओं के आधुनिकीकरण की आवश्यकता भी बढ़ी है। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के चयनित महाविद्यालयीन पुस्तकालयों में उपलब्ध डिजिटल संसाधनों, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं, पुस्तकालय स्वचालन तथा उपयोगकर्ताओं की जागरूकता का अध्ययन करना है।
प्रस्तुत अध्ययन वर्णनात्मक एवं सर्वेक्षण पद्धति पर आधारित है। अध्ययन हेतु 20 चयनित महाविद्यालय, 200 विद्यार्थी तथा 60 पुस्तकालय कर्मचारियों को नमूने के रूप में लिया गया है। अध्ययन में प्रश्नावली, साक्षात्कार तथा अवलोकन को प्रमुख उपकरण के रूप में शामिल किया गया है। अध्ययन के प्रमुख क्षेत्रों में पुस्तकालय स्वचालन, इंटरनेट सुविधा, ई-पुस्तक, ई-जर्नल, ऑनलाइन डेटाबेस, व्च्।ब् डिजिटल पुस्तकालय सेवाएँ तथा उपयोगकर्ता संतुष्टि शामिल हैं।
अध्ययन से ज्ञात हुआ कि अधिकांश महाविद्यालयों में इंटरनेट एवं ॅप.थ्प सुविधा उपलब्ध है तथा पुस्तकालय स्वचालन की प्रक्रिया निरंतर विकसित हो रही है। विद्यार्थियों द्वारा ई-पुस्तक एवं शैक्षणिक वेबसाइटों का उपयोग अपेक्षाकृत अधिक किया जाता है। अध्ययन में धीमी इंटरनेट गति, पर्याप्त कंप्यूटर की कमी तथा डिजिटल संसाधनों की जानकारी का अभाव प्रमुख समस्याओं के रूप में सामने आए। अध्ययन में यह भी पाया गया कि पुस्तकालय कर्मचारियों एवं उपयोगकर्ताओं के नियमित प्ब्ज् प्रशिक्षण की आवश्यकता है।

