महाभारत में प्रतिबिम्बित पितामह भीष्म के राजनैतिक दूरदर्शिता

Authors

  • श्रीरञ्जन माहात Author
  • डॉ. परिमल मण्डल Author

Abstract

लौकिक संस्कृत साहित्य में वाल्मिकी प्रणीत रामायण के पश्चात् व्यासदेव प्रणीत महाभारत का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। इसका आकार, उच्चता, गुरूता, अखण्ड समग्रता असधारण होने के कारण महान ग्रन्थ महाभारत नाम से प्रसिद्ध है - महत्त्वाद् भारवत्त्वाच महाभारतमुच्यते। इसके भीतर भरतवंशी क्षत्रियों राजाओं जन्म वृतान्त के इतिहास समाहित होने के कारण भी इसका नाम महाभारत है- ‘भरतानां महज्जन्म महाभारतमुच्यते’। इसमें मानवता की विजय का इतिहास है, इसलिए यह जय है।

 

Author Biographies

  • श्रीरञ्जन माहात

    सहायक अध्यापक, संस्कृत विभाग, के. के. मुकुन्दराम महाविद्यालय

     

  • डॉ. परिमल मण्डल

    सहायक अध्यापक, संस्कृत विभाग, स्वर्णमयी योगेन्द्रनाथ महाविद्यालय

     

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Published

2024-07-30

Issue

Section

Articles

How to Cite

महाभारत में प्रतिबिम्बित पितामह भीष्म के राजनैतिक दूरदर्शिता. (2024). शोध प्रकाशन SHODH PRAKASHAN, 2(1), 14-26. https://shodhprakashan.in/index.php/journal/article/view/147