बुजुर्गों में अकेलेपन और संज्ञानात्मक गिरावट का संबंध: एक व्यापक साहित्य समीक्षा एवं अनुभवजन्य विश्लेषण
Keywords:
अकेलापन, संज्ञानात्मक गिरावट, वृद्धावस्था, मनोभ्रंश, स्मृति हानि, जैव-मनोसामाजिक सिद्धांत, हस्तक्षेप कार्यक्रमAbstract
प्रस्तुत शोध पत्र बुजुर्गों में अकेलेपन और संज्ञानात्मक गिरावट के मध्य संबंध की व्यापक जांच करता है। भारत में 60 वर्ष से अधिक आयु के 500 प्रतिभागियों पर किए गए इस अनुभवजन्य अध्ययन में मानसिक स्वास्थ्य, स्मृति क्षमता, ध्यान केंद्रीकरण और कार्यकारी कार्यों पर अकेलेपन के प्रभाव का विश्लेषण किया गया है। यूसीएलए एकांत पैमाने और लघु मानसिक अवस्था परीक्षण का उपयोग करके प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ कि अकेलेपन और संज्ञानात्मक गिरावट के मध्य महत्वपूर्ण नकारात्मक सहसंबंध (r = -0.67, p < 0.001) विद्यमान है। उच्च अकेलेपन की अनुभूति करने वाले बुजुर्गों में स्मृति संबंधी विकार, ध्यान की कमी तथा मनोभ्रंश विकसित होने की 40 प्रतिशत अधिक संभावना पाई गई। जैव-मनोसामाजिक सिद्धांत के आलोक में इन निष्कर्षों की व्याख्या की गई है और बहु-स्तरीय हस्तक्षेप कार्यक्रमों की अनुशंसा प्रस्तुत की गई है।