विकसित भारत @2047: भागलपुर आमउद्योग के लिए चुनौतियाँ और अवसर

Authors

  • डॉ. मनीष भारती Author

Keywords:

आम उत्पाद, जर्दालु आम, जीआई टैग, बागवानी, आम निर्यात, नीति रोडमैप।

Abstract

भागलपुर (बिहार) का जर्दालु आम खास लोकप्रियता और रसीले स्वाद के लिए विख्यात है। इसे 2018 में जीआई टैग प्राप्त है, जिससे इसकी ब्रांडिंग एवं निर्यात क्षमता बढ़ी है। बिहार में आम की खेती लगभग 1.60-1.65 लाख हेक्टेयर में फैली है, जो 15.4-15.5 लाख टन उत्पादन देती है। भागलपुर जिले में ही लगभग 7.68 हजार हेक्टेयर में आम की खेती होती है और वहाँ 2015-16 में 71.21 हजार टन उत्पादन हुआ। भारत 2023-24 में 223.98 लाख टन आम उत्पादन के साथ विश्व का सबसे बड़ा उत्पादक रहा। विकसित भारत-2047 के दृष्टिकोण से भागलपुर आम उद्योग में सम्भावनाएं बहुत हैं।

स्थानीय अर्थव्यवस्था, ग्राम रोजगार, और कृषि-आधारित उद्यमों को बढ़ावा मिलता है। जीआई टैग, अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में निर्यात, विविधता वाले प्रसंस्करण (जूस, अचार, जैम), तथा उद्यान पर्यटन जैसे अवसर हैं। इसके विपरीत चुनौतियों में मौसमी अति-बारिश से पैदावार प्रभावित होना, कूड़ा-खराबी (प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार 25-30%), पुरानी बागवानी तकनीक, अपर्याप्त भंडारण एवं प्रसंस्करण सुविधाएं, तथा विकेन्द्रीकृत विपणन चैनल शामिल हैं।

यह रिपोर्ट भागलपुर के आम उद्योग पर उपलब्ध सरकारी एवं शोध डेटा का विश्लेषण करती है, साहित्य समीक्षा प्रस्तुत करती है, महत्वपूर्ण अनुसंधान अंतर की पहचान करती है, और नीतिगत-व्यावसायिक रोडमैप प्रदान करती है। तालिकाओं और चार्टों के माध्यम से उत्पादन आँकड़े, चुनौतियों व अवसरों की तुलना, तथा नीतिगत विकल्पों के लागत-लाभ-प्रभाव प्रस्तुत हैं।

Author Biography

  • डॉ. मनीष भारती

    स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग, तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर

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Published

2026-04-26

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Articles