भारतीय महिला सशक्तिकरण में सरकारी योजना और चुनौतियों पर अध्ययन

Authors

  • डॉ. कंचन जैन Author

Keywords:

महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक-आर्थिक स्थिति। महिलाओं के विरुद्ध अपराध, मानदंड, निहितार्थ, चुनौतियाँ

Abstract

यह शोध पत्र भारत में महिला सशक्तिकरण की स्थिति का विश्लेषण करने का प्रयास करता है और सरकारी योजना और महिला सशक्तिकरण की चुनौतियों पर प्रकाश डालता है। यह अध्ययन पूर्णतः द्वितीयक स्रोतों पर आधारित है। अध्ययन से पता चलता है कि भारत की महिलाएं अपेक्षाकृत रूप से अशक्त हैं और सरकार द्वारा किए गए कई प्रयासों के बावजूद उन्हें पुरुषों की तुलना में कुछ हद तक कम दर्जा प्राप्त है। यह पाया गया है कि महिलाओं द्वारा असमान लिंग मानदंडों की स्वीकृति अभी भी समाज में प्रचलित है। अध्ययन इस अवलोकन के साथ समाप्त होता है कि शिक्षा तक पहुंच, रोजगार और सामाजिक संरचना में बदलाव ही महिलाओं के लिए सक्षम कारक हैं। आज महिलाओं का सशक्तिकरण 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण चिंताओं में से एक बन गया है। लेकिन व्यवहारिक रूप से महिला सशक्तिकरण अभी भी वास्तविकता का भ्रम है। हम अपने दैनिक जीवन में देखते हैं कि किस प्रकार महिलाएँ विभिन्न सामाजिक बुराइयों का शिकार बनती हैं। महिला सशक्तिकरण महिलाओं की संसाधन रखने और रणनीतिक जीवन विकल्प चुनने की क्षमता का विस्तार करने का महत्वपूर्ण साधन है। महिलाओं का सशक्तिकरण अनिवार्य रूप से समाज में पारंपरिक रूप से वंचित महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक स्थिति के उत्थान की प्रक्रिया है। यह उन्हें सभी प्रकार की हिंसा से बचाने की प्रक्रिया है। 

 

Author Biography

  • डॉ. कंचन जैन

    शिक्षाशास्त्र विभाग, सनराइज विश्वविद्यालय

     

     

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Published

2024-06-22

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Section

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How to Cite

भारतीय महिला सशक्तिकरण में सरकारी योजना और चुनौतियों पर अध्ययन. (2024). शोध प्रकाशन SHODH PRAKASHAN, 1(12), 11-22. https://shodhprakashan.in/index.php/journal/article/view/144

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