तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के समन्वित रूप का मुहूर्त विज्ञान पर प्रभाव

Authors

  • Parhlad Singh Ahluwalia Author

Keywords:

पञ्चाङ्ग, मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र, करण, कालविज्ञान, कालजैविकी, स्कोपिंग समीक्षा

Abstract

पृष्ठभूमि: भारतीय कालविज्ञान में पञ्चाङ्ग के पाँच अंगों (तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण) के समन्वित विचार से मुहूर्त का निर्धारण होता है। इन अंगों का अलग-अलग वर्णन पर्याप्त मिलता है, पर उनके समन्वित स्वरूप का खगोलीय, सांख्यिकीय और वैज्ञानिक विश्लेषण कम हुआ है।

उद्देश्य: (1) पञ्चाङ्ग-अंगों का खगोलीय आधार स्पष्ट करना; (2) समन्वय के सिद्धान्त का विश्लेषण करना; (3) सम्बद्ध शास्त्रीय और आधुनिक वैज्ञानिक साहित्य की तुलनात्मक समीक्षा करना; (4) वर्ष 2024 के लिए तीन स्थानों पर गणनात्मक डेटा तैयार करके मुहूर्त-उपलब्धता का मापन करना।

पद्धति: PRISMA-ScR की संरचना पर आधारित स्कोपिंग समीक्षा, शास्त्रीय पाठ-विश्लेषण और खगोलीय गणना। गणना में उज्जैन, दिल्ली और कोलकाता के सूर्योदय-क्षण पर लाहिरी अयनांश के साथ वर्ष 2024 के 366 दिन लिए गए।

परिणाम: तिथि का औसत मान लगभग 23 घण्टे 37 मिनट है। वर्ष 2024 में तिथि-क्षय 18 बार और तिथि-वृद्धि 12 बार हुई (उज्जैन)। रिक्ता तिथि, विष्टि करण और व्यतीपात/वैधृति योग, इन तीनों से मुक्त दिन लगभग 67.8% रहे। पञ्चक को जोड़ने पर यह अनुपात लगभग 57.1% रह गया। उज्जैन और कोलकाता के बीच सूर्योदय-आधारित करण-निर्णय 29 दिन (7.9%) भिन्न रहा, जो स्थान-आधारित गणना की अनिवार्यता दर्शाता है।

निष्कर्ष: पञ्चाङ्ग का समन्वित रूप एक बहु-चर, स्थान-आश्रित और कालखण्ड-आधारित निर्णय-प्रणाली है। इसकी गणितीय संगति प्रमाणित है, पर परिणाम-स्तर पर इसकी प्रभावकारिता के नियन्त्रित अनुभवजन्य प्रमाण उपलब्ध साहित्य में नहीं मिलते। इसलिए इसे "गणितीय रूप से संगत कालचयन-पद्धति" के रूप में स्थापित करना उचित है, जिसके फल-दावे परीक्षण-योग्य परिकल्पना के रूप में रखे जाने चाहिए।

 

Author Biography

  • Parhlad Singh Ahluwalia

    Dr. Bhim Rao Ambedkar Law University, Jaipur, Rajasthan

     

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Published

2025-12-24

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Section

Articles

How to Cite

तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के समन्वित रूप का मुहूर्त विज्ञान पर प्रभाव. (2025). शोध प्रकाशन SHODH PRAKASHAN, 78-92. https://shodhprakashan.in/index.php/journal/article/view/203

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