शिक्षकों के व्यवसायिक तनाव का समीक्षात्मक अध्ययन

Authors

  • डॉ. कंचन जैन Author

Abstract

शिक्षण कार्य को एक महान और सार्थक व्यवसाय माना जाता है क्योंिक वे समाज के भविष्य को निर्धारित करने मंे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षण कार्य अपन उच्च स्तर के व्यावसायिक तनाव के लिए भी जाना जाता है। भारत सहित दुनिया भर के शिक्षकों को एक असाधारण मांग वाल पेशे में काम करते हुए देखा जाता है। यह अक्सर देखा गया है कि पिछले कुछ वर्षों मंे शिक्षा प्रणाली में हुए कई बड़े और त्वरित बदलावों के बाद भी, शिक्षकों को इससे निपटने में मदद करने के लिए हमश्ेाा से ही सहायता की कमी रही है। भारत सरकार ने पिछले कुछ वर्षों मंे कई शैक्षिक नीतियाँ शुरू की हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी बच्चों को उनके लिगं, जाति या आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना शिक्षा तक पहुँच प्रदान की जाए। इसका उद्देश्य सीखने के लिए बाल-केंिद्रत दृष्टिकोण के महत्व पर जोर देना भी है। लेकिन, इन नीतियों के कार्यान्वयन के लिए उचित योजना की कमी और अपर्याप्त समर्थन के कारण शिक्षकों पर अत्यधिक काम का बोझ है, वे तनावग्रस्त हैं और उनका स्वास्थ्य खराब है। नतीजतन, आज अधिकांश शिक्षकों ने पाया है कि वे अपन करियर मंे किसी न किसी तरह के तनाव का अनभ्ुाव करते हैं परिभाषाओं के अनुसार, शिक्षण का सभी व्यवसायों मंे बहुत प्रतिष्ठित स्थान है। एक शिक्षक पूरी शिक्षा प्रणाली में एक केन्द्र होता है। सभ्य दुनिया की लगभग सभी संस्कृतियों ने अपने शिक्षकों को बहुत उच्च सम्मान दिया है। उन्हें अक्सर ‘‘मास्टर‘‘ ‘‘मेंटर‘‘ और ‘‘गुरु‘‘ जैसे नाम दिए गए हैं। इस स्थिति को प्राप्त करने के लिए सभ्यता के इतिहास में शिक्षकों ने अपने आसपास की दुनिया से अपेक्षाएँ रखी हैं। 

 

Author Biography

  • डॉ. कंचन जैन

    शिक्षाशास्त्र विभाग, सनराइज विश्वविद्यालय

     

     

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Published

2023-11-27

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How to Cite

शिक्षकों के व्यवसायिक तनाव का समीक्षात्मक अध्ययन. (2023). शोध प्रकाशन SHODH PRAKASHAN, 1(5), 7-16. https://shodhprakashan.in/index.php/journal/article/view/121

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