संस्कृत साहित्य: इतिहास, योगदान और महत्ता

Authors

  • Dr. Geeta Devi Author

Abstract

संस्कृत साहित्य भारतीय साहित्य का महत्वपूर्ण अंग है और इसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भाषायी महत्वता अपार है। यह साहित्य शास्त्र, पुराण, महाकाव्य, नाटक, और काव्य जैसे विविध रूपों में प्रस्तुत हुआ है। यह अनुसंधान पत्र संस्कृत साहित्य के इतिहास, उसके योगदान और वर्तमान महत्ता पर चर्चा करता है, और विभिन्न प्रकार के संस्कृत ग्रंथों और उनके प्रभाव की समीक्षा करता है। संस्कृत साहित्य भारतीय संस्कृति और ज्ञान की प्राचीन धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस साहित्य में न केवल धार्मिक और दार्शनिक विचारों का समावेश है, बल्कि यह भारतीय समाज की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक यात्रा को भी दर्शाता है। यह शोध पत्र संस्कृत साहित्य की महत्ता, इसके विभिन्न अंगों, और इसके योगदान को भारतीय और वैश्विक संदर्भ में विश्लेषित करता है। संस्कृत साहित्य भारतीय सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस साहित्य ने न केवल धार्मिक शिक्षाओं और दार्शनिक विचारों को प्रस्तुत किया है, बल्कि भारतीय समाज के नैतिक और दार्शनिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह शोध पत्र संस्कृत साहित्य के धार्मिक और दार्शनिक योगदान की समीक्षा करता है, प्रमुख ग्रंथों और विचारधाराओं पर प्रकाश डालता है, और उनके समाज और संस्कृति पर प्रभाव का विश्लेषण करता है।

 

Author Biography

  • Dr. Geeta Devi

    Assistant Professor in Sanskrit, Govt. College for Women, Shahzadpur, Ambala, Haryana

     

     

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Published

2024-08-29

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Articles

How to Cite

संस्कृत साहित्य: इतिहास, योगदान और महत्ता. (2024). शोध प्रकाशन SHODH PRAKASHAN, 2(2), 22-31. https://shodhprakashan.in/index.php/journal/article/view/151