बस्तर क्षेत्र में निवासरत माड़िया जनजाति की मृतक संस्कार के अनुष्ठानिक क्रियाविधियों की परंपरा का विश्लेषणात्मक अध्ययन

Authors

  • Dr. Madhulata Bara Author
  • Dr. Purohit Kumar Sori Author
  • Dr. Sunita Sodi Author
  • Dr. Ramdev Jurri Author

Keywords:

माड़िया जनजाति, मृतक संस्कार, परंपरा, रीति-रिवाज, अनुष्ठानिक क्रियाविधि, कोया पुनेम, गायता, सिरहा, दुःखमत्ता, दाह संस्कार, देवी-देवता, जादू-टोना, प्रकोप, प्रेतात्मा, छट्ठी, नेल मुत्ते, हानाल मुदिया, हायले खोदरा, मढ़ीही, आमल गाटो।

Abstract

माड़िया जनजाति जिसे माड़िया या मारिया गोंड़ से अभिहित किया जाता है। मध्य भारत के प्रमुख जनजातीय समूहों में से एक है, जो मुख्य रूप से बस्तर (छत्तीसगढ़), महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में पाई जाती है। उनके मृतक संस्कार के रीति-रिवाज, प्रकृति-पूजा संबंधी मान्यताएँ, विश्वासों, पूर्वजों के प्रति सम्मान तथा सामुदायिक जीवन से गहराई से जुड़े हुए हैं। जब समुदाय में किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो परिवार और रिश्तेदारों द्वारा एकत्रित होकर शव को नहलाकर शुद्धिकरण किया जाता है, इसके पश्चात् महुआ का तेल लगाकर पारंपरिक सफेद वस्त्रों को शव में रखा जाता है। उनकी मान्यतानुसार आत्मा को शांति से पूर्वजों के साथ मिलाने के लिए सही रीति-रिवाजों का पालन करना आवश्यक है। परंपरानुसार माड़िया समुदाय में दफनाने की प्रथा है, हालांकि आधुनिक प्रभाव स्वरूप बुजूर्ग या सम्मानित लोगों के लिए दाह संस्कार भी किया जाता है। कब्र अक्सर कुटंुब के पवित्र जंगल या जमीन के पास बनायी जाती है और एक खास दिशा (आमतौर पर पूर्व-पश्चिम) की ओर होती है। मृत व्यक्ति के औजार, गहने तथा अन्य उपयोगी वस्तुएँ जो उनके जीवन मे अत्यधिक महत्वपूर्ण था, उसे कब्र के पास या कब्र में रखी जाती है, जो मृत्यु के बाद भी जीवन में विश्वास को दर्शाती है। वर्तमान समय में माड़िया जनजाति के मृत्यु संस्कार का संरक्षण व संवर्धन कैसे कर सकते हैं? इसके लिए कौन-कौन सी चुनौतियाँ और सम्भावनाएँ है? इसका उल्लेख करते हुए इस लेख में माड़िया जनजाति के मृत्यु संस्कार से संबंधित गहन अध्ययन करने का प्रयास किया गया है। प्रस्तुत लेख क्षेत्रीय कार्य के द्वारा प्राथमिक स्त्रोत से तथ्यों का संकलन किया गया है। तथ्यों का विश्लेषण गुणात्मक शोध विधि से किया गया है।

Author Biographies

  • Dr. Madhulata Bara

    Professor & Project Coordinator, SoS. in Literature & Languages, Pt. Ravishankar Shukla University Raipur (C.G.)

  • Dr. Purohit Kumar Sori

    Assistant Professor & Project Co-Coordinator, History Department, Govt. Gundadhur PG. College, Kondagaon (C.G.)

  • Dr. Sunita Sodi

    Research Associate, SoS. in Literature & Languages, Pt. Ravishankar Shukla University Raipur (C.G.)

  • Dr. Ramdev Jurri

    Research Assistant, SoS. in Literature & Languages, Pt. Ravishankar Shukla University Raipur (C.G.)

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Published

2025-12-27

Issue

Section

Articles