भक्ति आंदोलन में संत कबीर की भूमिका

Authors

  • डॉ. नीतू जेवरिया Author

Keywords:

भक्ति आंदोलन, संत कबीर, निर्गुण भक्ति, सामाजिक सुधार, हिंदू-मुस्लिम एकता, मध्यकालीन भारत

Abstract

भक्ति आंदोलन भारतीय इतिहास का एक महत्त्वपूर्ण सामाजिक-धार्मिक आंदोलन था, जिसने मध्यकालीन भारत की धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना को गहराई से प्रभावित किया। इस आंदोलन के प्रमुख स्तंभों में संत कबीर दास का स्थान अत्यंत विशिष्ट एवं अतुलनीय है। कबीर ने न केवल ईश्वर की निर्गुण भक्ति का प्रचार किया, बल्कि जातिवाद, कर्मकांड, धार्मिक आडंबर और सामाजिक विषमता के विरुद्ध भी निर्भीकता से अपनी वाणी उठाई। प्रस्तुत शोध-पत्र में कबीर के जीवन, उनके दार्शनिक विचारों, भक्ति आंदोलन में उनके योगदान, हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रयासों तथा उनकी साहित्यिक विरासत का ऐतिहासिक विश्लेषण किया गया है।

Author Biography

  • डॉ. नीतू जेवरिया

    सहायक आचार्य, इतिहास, राजकीय महाविद्यालय, खैरथल, राजस्थान

     

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Published

2023-07-01

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Articles